माली समाज में विवाह की तैयारी: एक पूरी गाइड (बजट से लेकर रस्मों तक)

माली समाज में विवाह की तैयारी: एक पूरी गाइड (बजट से लेकर रस्मों तक)

Wedding Planners

होली या दिवाली के बाद घर में जो रौनक होती है, वही रौनक शादी के मौके पर देखने को मिलती है। लेकिन इस रौनक के पीछे होती है महीनों की मेहनत और प्लानिंग।

अगर आप भी अपने बच्चे की शादी की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए है। आइए, एक-एक करके समझते हैं शादी की तैयारी के जरूरी पड़ाव।

1. बजट बनाना सबसे पहला कदम:
शादी का बजट तय करना सबसे जरूरी है। बैठकर फैसला करें कि आप किस स्तर की शादी करना चाहते हैं। बजट के हिसाब से ही आगे की प्लानिंग होगी।

2. मुहूर्त निकलवाना:
माली समाज में शादी का मुहूर्त निकलवाना एक अहम रस्म है। कुंडली मिलान के बाद एक अच्छे ज्योतिषी से शुभ मुहूर्त तय करें। शादी की सारी तारीखें इसी के इर्द-गिर्द घूमेंगी।

3. रिश्तेदारों को सूचित करना (निमंत्रण):
पहले बैठकर रिश्तेदारों को बुलाया जाता था, आजकल मोबाइल और सोशल मीडिया ने यह काम आसान कर दिया है। लेकिन बड़े-बुजुर्गों को व्यक्तिगत रूप से बुलाना सम्मान की बात है।

4. वेन्यू और वेंडर्स का चुनाव:
बजट और मुहूर्त के बाद सबसे बड़ा काम है शादी का वेन्यू और वेंडर्स (कैटरर, डेकोरेटर, फोटोग्राफर) तय करना। कोशिश करें कि महीनों पहले से बुक कर लें।

5. माली समाज की खास रस्में:
हमारे समाज की कुछ खूबसूरत रस्में हैं जैसे हल्दी, मेहंदी, सत्या नारायण पूजा आदि। इन रस्मों को पूरे विधि-विधान से करने की योजना बनाएं।

6. कपड़े और गहने:
दूल्हा-दुल्हन के कपड़े और गहने समय रहते तैयार कर लें। आजकल डिजाइनर ब्लाउज और सूट सिलवाने में काफी समय लग जाता है।

7. आखिरी के दिनों की तैयारी:
शादी के एक हफ्ते पहले से ही घर में चहल-पहल बढ़ जाती है। रिश्तेदार आने शुरू हो जाते हैं। ऐसे में दिमाग शांत रखें और छोटी-छोटी बातों का स्ट्रेस न लें।

निष्कर्ष:
याद रखें, शादी एक सेलिब्रेशन है, एक एग्जाम नहीं। छोटी-मोटी चूक हो जाए तो परेशान न हों। सबका सहयोग और आशीर्वाद ही आपकी शादी को खूबसूरत बनाएगा।

malilagna.com की तरफ से आपको शादी की शुभकामनाएं!